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Box Office Report: 120 Bahadur's Weekday Collections Slow Down_我的网站

上海滩

A |     Farhan Akhtar’s 120 Bahadur, which released on November 21 is slowing down at the box office. The film did see a rise over the first weekend, but it could not carry that momentum forward as the week began. Directed by Razneesh Razy Ghai, this war drama tells the real story of the 120 brave soldiers from the Kumaon Regiment, led by Major Shaitan Singh, a role Farhan plays with complete honesty.           Even with strong word of mouth, the film’s limited commercial appeal seems to be stopping a wider audience from coming to the theatres. The story brings the Battle of Rezang La from the Sino Indian war to the screen with emotional moments and powerful performances, and many viewers have appreciated that effort. Still, the praise has not turned into the numbers the makers were hoping for.     The film opened with a collection of Rs 2.25 crore on day one according to Sacnilk. The weekend looked promising when the earnings jumped to Rs 3.85 crore on Saturday and went up to Rs 4 crore on Sunday. Things slowed down on Monday with the film collecting only Rs 1.4 crore, a drop of sixty five percent, and Tuesday saw only a slight rise with Rs 1.5 crore.          120 Bahadur is based on the events of the Battle of Rezang La which took place during the Sino Indian war in November 1962. This story was earlier adapted in Dharmendra’s classic film Haqeeqat where he played Captain Bahadur Singh, the same character Farhan portrays in the new film. The cast also includes Raashii Khanna, Vivan Bhatena, Ankit Siwach, Dhanveer Singh, Sahib Verma, Sparsh Walia and Eijaz Khan in important roles.Also Read: Farhan Akhtar’s 120 Bahadur Sees a Jump on Day 2, Earns Rs 4.1 Cr。    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। (Income Growth Per Capita Income): दिल्ली में जनसंख्या बढ़ने के साथ ही यहां के लोगों की आय भी बढ़ी है। शहरी क्षेत्र का विस्तार होने से यहां की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी कम हुई है। इसकी तुलना में सेवा क्षेत्र व औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ी है।,यही कारण है कि दिल्ली तीन सबसे संपन्न राज्यों में शामिल है। यहां प्रति व्यक्ति आय 4.93 लाख रुपये है। इससे आगे सिर्फ सिक्किम है। सिक्किम में प्रति व्यक्ति 5.87 लाख है। वर्ष 2022-23 में गोवा दूसरे स्थान पर था। पिछले दो वर्षों से उसका आंकड़ा जारी नहीं हुआ है। केंद्र शासीत प्रदेश में दिल्ली सबसे अागे है। इसके बाद चंडीगढ़ है। वर्ष 2011-12 में दिल्ली की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत तक थी। अब यह एक प्रतिशत से भी कम रह गया है। इस दौरान निर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत बनी हुई है। वहीं, सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 83.4 प्रतिशत से बढ़कर 86.6 प्रतिशत हो गई है। इससे लोगों की आय बढ़ी है। महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्य जहां की जनसंख्या अधिक होने के साथ ही उद्योग को भी बढा़वा मिला है। इसके बाद भी वह प्रति व्यक्ति आय में दिल्ली से पीछे हैं।,दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से 2.4 गुना अधिक है। राज्य सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति आय में सात प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, यह राष्ट्रीय औसत से कुछ कम है।,इसे और बढ़ाने के लिए सेवा व पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में सिर्फ पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों को शामिल किया गया है। यहां आवासीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इन्हें औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इसी सप्ताह स्टार्टअप पालिसी का ड्राफ्ट घोषित किया है। अगले 10 वर्षों में दिल्ली को इनोवेशन हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। निजी भागीदारी से औद्योगिक क्षेत्रों के विकास करने का निर्णय लिया गया है। पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देने की नीति तैयार की जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में यहां रोजगार के अवसर बढ़ेगें।

जीडीपी में 11 वें स्थान पर

सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में दिल्ली पड़ोसी राज्य हरियाणा व पंजाब से आगे है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान मूल्य पर दिल्ली का जीएसडीपी वर्ष 2011-12 में 343798 करोड़ रुपये था। वर्ष 2024-25 में 1215003 करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है। स्थिर मूल्य पर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में दिल्ली के जीएसडीपी के योगदान में गिरावट आई है। स्थिर मूल्यों पर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में दिल्ली का जीएसडीपी योगदान वर्ष 2011 -12 में 3.94 प्रतिशत था। वर्ष 2024-25 में इसके 3.79 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय (लाख रुपये)

वर्ष-2011-12- 2016-17- 2017-18- 218-19- 2019-20- 2020-21- 2021-22- 2022-23- 2023-24 आय-185001-295558-318323-338730-355798-322311-376217-430120-461910

प्रति व्यक्ति औसत आय में वृद्धि (प्रतिशत में)

वर्ष-2016-17 2017-18 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 2023-24 दिल्ली-9.36- 7.70- 6.41- 5.04- 9.41 – 16.72- 14.33- 7.39 राष्ट्रीय-10.6- 9.9- 9.3- 5.1- -3.9- 18.6- 12.3- 8.7

अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले राज्य

राज्य-प्रति व्यक्ति आय (लाख रुपये)
  • सिक्किम-5.87
  • दिल्ली- 4.93
  • गोवा-4.29
  • चंडीगढ़-3.99
  • तेलंगाना-3.56

राज्यों का जीएसडीपी (लाख करोड़ रुपये)

राज्य-जीएसडीपी (लाख करोड़ रुपये)
  • महाराष्ट्र-40.4
  • तमिलनाडु-27.2
  • उत्तर प्रदेश-25.5
  • कर्नाटक-25
  • गुजरात-22
  • बंगाल-17
  • राजस्थान-15.3
  • तेलंगाना-15
  • आंध्र प्रदेश-14.4
  • मध्य प्रदेश-13.6
  • दिल्ली-12.15

दिल्ली में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या

  • वर्ष- 2021-2022-2023
  • कारखाने-8613-8690-8750

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Published on:15:57:19



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